पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष के हमलों के बीच केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति अब भी मजबूत और स्थिर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि देश में डर और निराशा फैलाने वाली बातों से बचने की जरूरत है।
निर्मला सीतारमण ने यह बयान सिडबी फाउंडेशन डे कार्यक्रम में दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भारत की उपलब्धियों को कमतर दिखाने की कोशिश करते हैं और निराशावादी माहौल बनाते हैं, जो बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा, “भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति आज भी सकारात्मक और मजबूत है। कुछ लोग हर स्थिति में नकारात्मकता फैलाने लगते हैं। यह डर पैदा करने जैसा है और भारत ऐसा माहौल बर्दाश्त नहीं कर सकता। हमें अपने शब्दों और कामों से लोगों में विश्वास पैदा करना होगा।”
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती किए जाने से सरकार को वर्ष 2026 में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि से आम नागरिकों को राहत देने के लिए यह कदम उठाया गया है।
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सीतारमण ने कहा कि ईंधन के साथ-साथ उर्वरकों की कीमतें भी “अकल्पनीय” स्तर तक पहुंच गई हैं। वहीं सोने की बढ़ती कीमतें भी बाहरी आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियां पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश को “तीन एफ” यानी फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी बताया कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के करीब 8.1 लाख करोड़ रुपये भुगतान में देरी के कारण फंसे हुए हैं, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी और विकास प्रभावित हो रहा है। वित्त मंत्री ने सार्वजनिक उपक्रमों से अपील की कि वे एमएसएमई का भुगतान 45 दिनों से अधिक लंबित न रखें।
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