भारत और इंडोनेशिया ने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी (कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप) को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। दोनों देशों के बीच आयोजित 8वीं संयुक्त आयोग बैठक (जॉइंट कमीशन मीटिंग) में द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा की गई और भविष्य के सहयोग को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि नई दिल्ली और जकार्ता के बीच रणनीतिक हितों में गहरा सामंजस्य है। इसी साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, नौवहन, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, रक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
मंत्रियों ने समुद्री और शिपिंग क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षित समुद्री मार्गों को सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों ने सहयोग को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके अलावा, बंदरगाह विकास, समुद्री संपर्क और ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में भी साझेदारी को विस्तार देने पर चर्चा हुई।
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बैठक में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई संभावनाओं की पहचान की गई। दोनों देशों ने निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। डिजिटल परिवर्तन, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
भारत और इंडोनेशिया ने क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के समर्थन की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों ने इस बात पर विश्वास जताया कि मजबूत द्विपक्षीय संबंध न केवल उनके राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाएंगे, बल्कि पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को भी बढ़ावा देंगे।
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