भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपनी तत्परता और साहस का परिचय देते हुए समुद्र के बीच फंसे एक कर्मचारी की जान बचाने के लिए हाई-रिस्क मेडिवैक (मेडिकल इवैक्यूएशन) ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह अभियान सुबह के शुरुआती समय में बेहद सटीकता और तेजी के साथ पूरा किया गया।
जानकारी के मुताबिक, 42 वर्षीय एक कर्मचारी ऑफशोर तेल रिग पर काम कर रहा था, जहां उसे अचानक गंभीर हृदय संबंधी समस्या हो गई। उसकी स्थिति लगातार बिगड़ रही थी और तुरंत चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। ऐसे में भारतीय नौसेना को आपातकालीन मदद के लिए संपर्क किया गया।
नौसेना ने बिना समय गंवाए आईएनएस गरुड़ से एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) को रवाना किया। इस हेलीकॉप्टर में प्रशिक्षित पायलट और मेडिकल टीम मौजूद थी। समुद्र के बीच सीमित जगह और चुनौतीपूर्ण मौसम परिस्थितियों के बावजूद टीम ने अत्यंत कुशलता से ऑपरेशन को अंजाम दिया।
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हेलीकॉप्टर को तेल रिग के पास स्थिर करना और मरीज को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद कठिन था, लेकिन नौसेना की टीम ने सटीक योजना और समन्वय के साथ यह मिशन पूरा किया। कर्मचारी को तुरंत हेलीकॉप्टर से लाया गया और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज शुरू हुआ।
यह ऑपरेशन भारतीय नौसेना की पेशेवर क्षमता, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और मानव जीवन की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ऐसे मिशन यह साबित करते हैं कि नौसेना न केवल देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि संकट के समय नागरिकों के लिए भी हमेशा तैयार रहती है।
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