एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की राजनीति पर तीखा बयान देते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) दोनों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां मिलकर राज्य की जनता को “भ्रमित” कर रही हैं।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और आवश्यक सेवाओं की अनदेखी कर रही है, जिससे वहां विकास की स्थिति कमजोर बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में मुस्लिम समुदाय के बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है, लेकिन इस ओर सरकार का ध्यान नहीं है।
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एआईएमआईएम प्रमुख ने यह भी कहा कि टीएमसी और बीजेपी एक-दूसरे के खिलाफ दिखने के बावजूद राजनीतिक रूप से जनता को गुमराह करने का काम कर रही हैं। उन्होंने दोनों दलों को “भाई-बहन” की तरह काम करने वाला बताया।
ओवैसी ने दावा किया कि इस स्थिति का सीधा फायदा बीजेपी को मिल रहा है, क्योंकि जनता के असंतोष का राजनीतिक उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि वह सभी समुदायों के लिए समान विकास सुनिश्चित करे और विशेषकर अल्पसंख्यक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी के इस बयान से पश्चिम बंगाल की चुनावी राजनीति में नई बहस शुरू हो सकती है, खासकर मुस्लिम वोट बैंक को लेकर सियासी हलचल बढ़ने की संभावना है।
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