मध्य प्रदेश में आय से अधिक संपत्ति के मामले में इंदौर पुलिस के प्रधान आरक्षक फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है। 14 अक्टूबर की सुबह शुरू हुई तलाशी में अब तक 29 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का पता चला है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने तक संपत्तियों का कुल मूल्य और बढ़ सकता है।
लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की टीमों ने मंगलवार सुबह फिरोज खान के देवास स्थित आवास समेत 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। जांच में करोड़ों रुपये की अनुपातहीन संपत्ति सामने आई है।
ज्ञात आय से 11 करोड़ रुपये अधिक खर्च
लोकायुक्त के मुताबिक, अब तक की जांच में लगभग 12.95 करोड़ रुपये का व्यय सामने आया है। यह उनकी ज्ञात आय से करीब 11.01 करोड़ रुपये अधिक बताया गया है। शुरुआती आकलन के अनुसार, अनुपातहीन संपत्ति का आंकड़ा 568 प्रतिशत है।
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तलाशी के दौरान 33 अचल संपत्तियों का पता चला है। इनका मौजूदा बाजार मूल्य लगभग 29.73 करोड़ रुपये आंका गया है। जांचकर्ताओं को परिचित महिला रोशनी वर्मा के नाम पर संपत्तियों, विभिन्न कंपनियों और फर्मों से जुड़े दस्तावेजों के साथ करीब 21 बैंक खातों की जानकारी भी मिली है। इन खातों से निकासी पर रोक लगा दी गई है। देवास और इंदौर में तलाशी जारी है।
पिता सेवानिवृत्त सब-इंस्पेक्टर, भाई भी पुलिस में
जानकारी के अनुसार, फिरोज खान के पिता गफ्फार पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर थे और सेवानिवृत्त हो चुके थे। उनका निधन हो चुका है। फिरोज का जुड़वां भाई जावेद भी पुलिस विभाग में कार्यरत है और आगर मालवा में तैनात है। बताया गया है कि फिरोज कई दिनों से छुट्टी पर चल रहे थे।
जांच में और संपत्तियां सामने आने की संभावना
लोकायुक्त की कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। जांच में मिले दस्तावेजों और बैंक खातों की पड़ताल के बाद अतिरिक्त संपत्तियों का पता चल सकता है। फिलहाल, अधिकारियों की जांच जारी है और सामने आए आंकड़े शुरुआती कार्रवाई पर आधारित हैं। मामले में आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
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