यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत दो सप्ताह का युद्धविराम घोषित किया है। उन्होंने तेहरान की 10-बिंदु प्रस्तावना को स्वीकार किया, जिससे मध्य पूर्व में युद्धविराम लागू हो सके, लेकिन शर्त यह थी कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोले। ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि समझौता नहीं होता, तो उन्होंने ईरान पर बमबारी रोकने का आदेश युद्धविराम से ठीक 90 मिनट पहले दिया।
इस अस्थायी युद्धविराम ने पाकिस्तान में 10 अप्रैल को होने वाली वार्ता का मार्ग प्रशस्त किया है। इस बैठक में यूएस और ईरान अंतिम समझौते की शर्तों को तय करेंगे और संभवतः युद्ध को समाप्त करेंगे। हालांकि, दोनों देशों द्वारा रखी गई कुछ शर्तें समझौते को संवेदनशील बना सकती हैं।
ईरान ने भी अपने सर्वोच्च नेता मोज़तबा खामेनी के आदेश पर क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई रोकने का निर्णय लिया और सभी इकाइयों को "युद्ध बंद करने" का आदेश दिया।
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मुख्य बिंदु
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने यूएस और ईरान की प्रतिनिधिमंडल को इस्लामाबाद आमंत्रित किया।
- व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने कहा कि व्यक्तिगत वार्ता पर चर्चा जारी है, लेकिन अंतिम घोषणा राष्ट्रपति करेंगे।
- ट्रंप के अनुसार, ईरान का 10-बिंदु प्रस्ताव वार्ता का आधार है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर शुल्क लगेगा और ईरान इसे पुनर्निर्माण के लिए उपयोग करेगा।
- यूएस ने क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई भी रोक दी है।
- अन्य शर्तों में परमाणु संवर्धन, साजिशें रोकना, प्रतिबंध हटाना और हर्जाना शामिल हैं।
यह युद्धविराम मध्य पूर्व में अस्थायी शांति की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है, लेकिन कई जटिल शर्तें अभी भी वार्ता के परिणाम पर असर डाल सकती हैं।
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