अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान की सेना ने कड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान ने कहा है कि यदि उसके महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप के बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया तो वह पूरे क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े सभी तेल और ऊर्जा ठिकानों को नष्ट कर देगा।
यह चेतावनी ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय के प्रवक्ता की ओर से दी गई। उन्होंने कहा कि यदि ईरान के तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया तो मध्य पूर्व में मौजूद उन सभी तेल कंपनियों और ऊर्जा ढांचों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा जिनमें अमेरिकी हिस्सेदारी है या जो अमेरिका के साथ सहयोग करती हैं। उनके अनुसार ऐसे सभी ठिकाने “राख के ढेर” में बदल दिए जाएंगे।
ईरान की यह प्रतिक्रिया उस बयान के बाद आई है जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप पर मौजूद ईरानी सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया था कि अगला निशाना वहां का तेल और ऊर्जा ढांचा हो सकता है।
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इसी बीच अमेरिका ने संकट को और बढ़ाते हुए ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी देने वालों के लिए एक करोड़ डॉलर (लगभग 10 मिलियन डॉलर) के इनाम की घोषणा की है। यह घोषणा अमेरिकी विदेश विभाग के “रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस” कार्यक्रम के तहत की गई है। मोजतबा खामेनेई, मारे गए ईरानी नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार जी-7 देशों के नेताओं के साथ एक वर्चुअल बैठक में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सरकार “आत्मसमर्पण के करीब” है। उन्होंने “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के “आतंकी शासन” को खत्म करने के लिए लगातार सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।
इस बीच युद्ध के दूसरे सप्ताह में ड्रोन और मिसाइल हमलों का सिलसिला जारी है और अमेरिका ने क्षेत्र में अतिरिक्त मरीन सैनिकों और युद्धपोतों की तैनाती भी बढ़ा दी है।
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