मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर है। एलपीजी से भरा टैंकर “जग वसंत” गुजरात के वडिनार पोर्ट पर सुरक्षित पहुँच गया। जहाज में लगभग 16,000 मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है, जो देश में घरेलू गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। होर्मुज जलसंधि में जोखिम की स्थिति के बीच इस जहाज का सुरक्षित आगमन बड़ी राहत का संकेत माना जा रहा है।
टैंकर वर्तमान में वडिनार पोर्ट से लगभग 10 नौटीकल मील दूर लंगर डालकर खड़ा है। पोर्ट क्षेत्र में सुरक्षा और संचालन संबंधी कड़े इंतजाम किए गए हैं। बड़ी जहाज से एलपीजी को छोटे टगबोट “रोज़” में स्थानांतरित किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में ऐसे और जहाजों का संचालन जारी रहेगा, जिससे देश की गैस आपूर्ति श्रृंखला और मजबूत होगी।
भारत के दो एलपीजी टैंकर, जग वसंत और पाइन गैस, ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित रूप से यात्रा पूरी की। इन जहाजों पर क्रमशः 33 और 27 भारतीय नाविक सवार थे। दोनों जहाजों ने लगभग 92,612.59 मीट्रिक टन एलपीजी का परिवहन किया। इस सफल संचालन से भारत की घरेलू ऊर्जा आपूर्ति को मजबूती मिलेगी।
और पढ़ें: भारत में कच्चे तेल का 60 दिनों का भंडार, आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित: सरकार
केंद्र सरकार ने घोषणा की कि ये अतिरिक्त भारतीय झंडाधारी टैंकर 48 घंटों के भीतर भारत के तटों पर पहुँचेंगे। इससे पहले एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी ने लगभग 92,712 टन एलपीजी सुरक्षित रूप से भारत पहुँचाया था।
विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा, “हमारा अंतिम उद्देश्य यह है कि क्षेत्र में फंसे सभी भारतीय जहाजों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जाए।”
और पढ़ें: युद्ध के चलते मार्च में एलपीजी की खपत में 17.3% की गिरावट