भारत के वर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राजस्थान विधानसभा से पेंशन की मांग की है। यह पेंशन उन्हें उनके पूर्व विधायक के रूप में दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार, राज्य विधानसभा की पेंशन उनके उपराष्ट्रपति और पूर्व सांसद (MP) के रूप में मिलने वाली पेंशन के अलावा होगी।
धनखड़ की यह मांग राज्य विधानसभा सचिवालय को दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि पेंशन की राशि का निर्धारण राजस्थान विधानसभा के नियमों के अनुसार किया जाएगा और इसे पूर्व विधायक के दर्जे के आधार पर जारी किया जाएगा। इस पेंशन का उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मान और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है जिन्होंने लंबे समय तक विधानसभा में सेवा की हो।
राजस्थान विधानसभा की पेंशन नीति के अनुसार पूर्व विधायकों को उनकी सेवा अवधि, योगदान और अन्य शर्तों के आधार पर पेंशन मिलती है। जगदीप धनखड़ ने पहले भी लंबे समय तक राजस्थान में राजनीतिक जीवन व्यतीत किया है और विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण होता है ताकि पूर्व विधायकों को उनके योगदान के अनुसार सम्मानित किया जा सके। वहीं, कुछ राजनीतिक विश्लेषक इस कदम को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत ही देख रहे हैं।
धनखड़ की पेंशन के अलावा, उन्हें उपराष्ट्रपति और पूर्व सांसद के रूप में मिलने वाली पेंशन से भी वित्तीय लाभ होगा। यह उनके लिए कई स्रोतों से स्थिर आय सुनिश्चित करेगा।
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