पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता जहांगीर खान को पुलिस द्वारा नंगे पांव घुमाए जाने का मामला चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में जहांगीर खान पैंट पहने हुए सड़क पर चलते नजर आ रहे हैं। इस दौरान वह स्थानीय लोगों के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगते दिखाई दिए। कुछ दृश्यों में उन्हें कान पकड़कर भी क्षमा याचना करते देखा गया।
जहांगीर खान को राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 8 जून को गिरफ्तार किया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वह कई दिनों से फरार चल रहे थे और नेपाल सीमा के पास से उन्हें हिरासत में लिया गया। खुफिया सूचनाओं के आधार पर एसटीएफ की टीम लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी, जिसके बाद उन्हें पकड़ा गया।
पुलिस के मुताबिक, फाल्टा थाने में जहांगीर खान के खिलाफ पहले से सात प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज हैं। इन मामलों में कथित रंगदारी वसूली, चुनावी हिंसा और अन्य आपराधिक आरोप शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से आगे की पूछताछ के लिए पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
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जहांगीर खान को टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी कई विवादित टिप्पणियां की थीं। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने उन्हें फाल्टा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि पुनर्मतदान की घोषणा के बाद उन्होंने मतदान से कुछ दिन पहले चुनाव मैदान से हटने का फैसला किया था। उन्होंने कहा था कि यह निर्णय क्षेत्र की जनता के हित में लिया गया है।
इस बीच, वर्ष 2020 में भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के काफिले पर हुए कथित हमले की जांच भी फिर से शुरू कर दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार उस मामले की एफआईआर में जहांगीर खान का नाम भी शामिल था। अब डायमंड हार्बर पुलिस पुराने साक्ष्यों और घटनाक्रम की दोबारा समीक्षा कर रही है, जिससे मामले में नई कानूनी कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।
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