कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए एक पुराना उदाहरण साझा किया है। उन्होंने कहा कि एल्डाब्रा विशाल कछुए (Aldabra Giant Tortoise) को लेकर जो चर्चा आज हो रही है, वह कोई नई बात नहीं है।
जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस विषय को लेकर दिए गए हालिया बयान से बहुत पहले ही भारत में इस प्रजाति को लेकर आधिकारिक पहल हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने 2 अगस्त 2008 को एल्डाब्रा विशाल कछुए पर एक डाक टिकट जारी किया था।
उन्होंने कहा कि “स्वयं घोषित लेकिन बार-बार उजागर हुए विश्वगुरु ने भले ही इस कछुए को अभी-अभी खोजा हो, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इसे पहले ही पहचानकर सम्मान दिया था।”
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कांग्रेस नेता का यह बयान राजनीतिक बहस का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच प्रतीकात्मक उपलब्धियों और ऐतिहासिक दावों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एल्डाब्रा विशाल कछुआ एक दुर्लभ और लंबी आयु वाला जीव है, जो पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के अध्ययन में महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत सरकार द्वारा 2008 में जारी किया गया डाक टिकट इसी दिशा में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से था।
इस मुद्दे पर राजनीतिक हलकों में फिर से चर्चा तेज हो गई है, जहां विपक्ष सरकार पर इतिहास को नए तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप लगा रहा है, जबकि सत्तापक्ष अपने वैज्ञानिक और सांस्कृतिक प्रयासों को रेखांकित कर रहा है।
यह बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।
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