गुजरात की राजधानी गांधीनगर ने स्मार्ट सिटी की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यहां प्रधानमंत्री ई-बस सेवा (पीएम ई-बस सेवा) की शुरुआत की गई है, जिससे शहर में आधुनिक, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
इस नई पहल का उद्देश्य शहरी परिवहन प्रणाली को अधिक टिकाऊ बनाना और प्रदूषण को कम करना है। ई-बसों के संचालन से न केवल ईंधन पर निर्भरता घटेगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, यह योजना केंद्र सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत देश के विभिन्न शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। गांधीनगर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
और पढ़ें: पंजाब में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: विजिलेंस ब्यूरो ने 1055 मामलों में 1111 आरोपियों को गिरफ्तार किया
इन ई-बसों में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलेगा। बसों में जीपीएस ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस सेवा के शुरू होने से शहर के आम नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलेगा और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। इससे यातायात दबाव भी घटेगा और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा।
गांधीनगर में इस परियोजना को “ग्रीन मोबिलिटी” की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है तो इसे अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है।
इस पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे और शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
और पढ़ें: गुजरात में अमित शाह ने पीएम फैमिली केयर ट्रैकर लॉन्च किया, बोले—मोदी सरकार ने सुनिश्चित किया सीधे लाभ का हस्तांतरण