दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। शनिवार को कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। इनमें अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव शामिल हैं। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बुलाया गया था।
इनके अलावा वामपंथी दलों के कई नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। इनमें केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की नेता बृंदा करात और भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य शामिल हैं। महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुushार गांधी को भी मुंबई के बांद्रा इलाके से हिरासत में लेकर डीएन नगर पुलिस थाने ले जाया गया।
इन कार्यकर्ताओं और वामपंथी दलों ने सीजेपी के प्रदर्शन का समर्थन किया है। वे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। खबर के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब 1,500 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके और सह-संयोजक सौरव दास तथा आशुतोष रांका भी शामिल हैं।
और पढ़ें: दिल्ली में हिरासत से पहले एयर इंडिया के यात्री ने सीजेपी नेताओं से कहा, आपको शर्म आनी चाहिए
पुलिस ने कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए सीजेपी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। साथ ही लोगों से राजधानी में शांति बनाए रखने की अपील की गई।
चंडीगढ़ में आप नेताओं को हिरासत में लिया गया
आम आदमी पार्टी ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया। वहां पार्टी नेता मनीष सिसोदिया, बलतेज पुनिया और सोनिया मान सहित कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है।
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे आपातकाल से भी बदतर बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विरोध से डर रही है। केजरीवाल ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी टिप्पणी की।
और पढ़ें: सीजेपी के प्रदर्शन को बीजेपी ने बताया अराजकतावादियों का फ्लॉप शो, कहा- भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत