जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने आधिकारिक रूप से अडानी समूह द्वारा कंपनी के अधिग्रहण का समर्थन किया है। उन्होंने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बताते हुए इसकी सराहना की है।
एक सार्वजनिक बयान में गौतम अडानी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि अडानी समूह के नेतृत्व में कंपनी की विरासत को नई ऊर्जा, जिम्मेदारी और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले महीने राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने अडानी एंटरप्राइजेज की 14,535 करोड़ रुपये की समाधान योजना को मंजूरी दी थी। यह फैसला कर्ज में डूबी कंपनी के लिए एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इस प्रक्रिया में वेदांता समूह भी एक प्रमुख बोलीदाता था, लेकिन अंततः अडानी समूह को सफल बोलीदाता चुना गया।
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जयप्रकाश गौड़ ने अपने बयान में कहा कि वह समाधान समिति (Committee of Creditors) के निर्णय का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने इसे एक निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया बताया, जिसे रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल की देखरेख में पूरा किया गया। उन्होंने अडानी समूह और वेदांता समूह दोनों को इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए धन्यवाद भी दिया।
उन्होंने कहा कि 1979 में कंपनी की स्थापना के बाद से यह उनका जीवनभर का सफर रहा है, जिसमें दृढ़ संकल्प, मेहनत और राष्ट्र निर्माण की भावना शामिल रही है। इस दौरान कंपनी ने बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट, बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स, सीमेंट उत्पादन क्षमता और कई इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का निर्माण किया।
उन्होंने स्वीकार किया कि कंपनी को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा, जो सभी हितधारकों के लिए कठिन समय रहा। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस पूरे दौर में कंपनी ने होमबायर्स, कर्मचारियों, लेंडर्स और साझेदारों के साथ मिलकर एक निष्पक्ष समाधान की दिशा में काम किया।
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