झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से राजनीतिक दलों के बहकावे में नहीं आने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार युवाओं के अधिकारों और उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
रांची में आयोजित झारखंड आदिवासी महोत्सव को संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे लोगों की पहचान कर ली है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सैकड़ों छात्र पिछले 16 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र झारखंड लोक सेवा आयोग की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और झारखंड सामान्य स्नातक स्तर संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा समेत विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का विरोध कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के साथ न्याय करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। सोरेन ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
सोरेन ने विपक्षी राजनीतिक दलों पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर किसी राजनीतिक दल के प्रभाव में आने के बजाय तथ्यों को समझना चाहिए।
मुख्यमंत्री के बयान के बावजूद छात्रों की प्रमुख मांगें अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। छात्र कथित परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आंदोलन को लेकर सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का दौर जारी है।
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