झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच शुरू कर दी है। ईडी ने राज्य अपराध जांच विभाग यानी सीआईडी द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पिछले सप्ताह प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट यानी ईसीआईआर दर्ज की है।
इससे पहले हेमंत सोरेन सरकार ने जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ लंबी बैठक के बाद सीआईडी और ईडी जांच की घोषणा की थी। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा था कि सरकार ने छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें स्वीकार कर ली हैं। इनमें जेपीएससी की 14वीं परीक्षा तथा 2023 और 2025 की बैकलॉग भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की मांग शामिल है।
हालांकि, सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा रद्द करने और कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई से जांच कराने की मांग स्वीकार नहीं की। सरकार का कहना है कि अदालत के निर्देशों के तहत आयोजित परीक्षा को वह एकतरफा रद्द नहीं कर सकती।
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छात्रों ने सरकार के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उनकी सबसे महत्वपूर्ण मांग सीबीआई जांच है, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर अपनी मांगों को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है।
छात्र नेताओं ने सीआईडी जांच पर भी सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि कथित अनियमितताओं की वास्तविकता सामने लाने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच जरूरी है।
विधानसभा मार्च के लिए छात्रों की अपील:
छात्रों ने सोमवार के विधानसभा मार्च को शांतिपूर्ण रखने की अपील की है। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से एकजुट रहने, यातायात बाधित नहीं करने, आम लोगों को परेशानी से बचाने और बैनर-पोस्टर के साथ शांतिपूर्वक आगे बढ़ने को कहा है। छात्रों से पुलिस या अन्य लोगों से टकराव से बचने और किसी भी उपद्रव की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील भी की गई है।
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