झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया की पारदर्शिता पर किसी प्रकार का संदेह करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया केवल भारतीय नागरिकों के संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
यह प्रक्रिया 30 जून से झारखंड के सभी 29,571 मतदान केंद्रों पर शुरू की गई है। इसके तहत बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-2) स्थानीय लोगों से मिलकर गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं और मतदाता सूची को अपडेट कर रहे हैं।
अब तक राज्य में लगभग 82 प्रतिशत मतदाताओं का मैपिंग कार्य पूरा हो चुका है। कुल 2.64 करोड़ मतदाताओं के लिए 31,892 बीएलओ इस कार्य में लगे हुए हैं। चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाया जाए।
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सीईओ के. रवि कुमार ने बताया कि SIR का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल योग्य भारतीय नागरिक ही मतदान सूची में शामिल हों। उन्होंने कहा कि जो लोग अवैध या कानूनी रूप से भारत में रह रहे विदेशी नागरिक हैं, उन्हें मतदान का अधिकार नहीं दिया जा सकता।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति गलत घोषणा करता है या फर्जी जानकारी देता है, तो यह एक दंडनीय अपराध होगा और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रवि कुमार ने कहा कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से लागू किया जा रहा है तथा किसी भी प्रकार की आशंका या भ्रम की आवश्यकता नहीं है। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत बनाना है।
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