विश्व कैंसर दिवस से पहले एक अहम पहल करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने “लंग कैंसर ट्रीटमेंट एंड पैलिएशन: एविडेंस-बेस्ड गाइडलाइंस” जारी कीं। यह कदम भारत में फेफड़ों के कैंसर के इलाज को अधिक मानकीकृत, वैज्ञानिक और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कर्तव्य भवन में औपचारिक रूप से जारी की गई इन गाइडलाइंस का उद्देश्य देशभर में फेफड़ों के कैंसर के मरीजों के लिए निदान, उपचार और पेलिएटिव केयर का एक समान और साक्ष्य-आधारित ढांचा उपलब्ध कराना है। इन्हें प्रमुख ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों और संबंधित हितधारकों द्वारा तैयार किया गया है, ताकि सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य प्रणालियों में उपचार के परिणामों में मौजूद असमानताओं को कम किया जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग, महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवाएं और सहयोगी संस्थानों को बधाई देते हुए कहा कि यह भारत की पहली राष्ट्रीय स्तर पर विकसित साक्ष्य-आधारित कैंसर गाइडलाइन है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज़ क्लिनिकल प्रैक्टिस को मानकीकृत करने और उच्च गुणवत्ता वाली, सुलभ तथा मरीज-केंद्रित देखभाल सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा।
और पढ़ें: शांति वार्ता से एक दिन पहले रूस का यूक्रेन पर भीषण ड्रोन-मिसाइल हमला, मॉस्को की मंशा पर उठे सवाल
जेपी नड्डा ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मॉडलों की नकल करने के बजाय अपनी स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी और साक्ष्य-आधारित समाधान विकसित करने चाहिए। उन्होंने कहा कि ये गाइडलाइंस भारत की स्वास्थ्य वास्तविकताओं, रोग भार और संसाधन स्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं, जिससे पश्चिमी प्रोटोकॉल पर निर्भरता कम होगी।
फेफड़ों के कैंसर के प्रबंधन में शुरुआती पहचान को सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए मंत्री ने उच्च जोखिम वाले समूहों के लिए रोकथाम और स्क्रीनिंग रणनीतियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक सहयोग के विस्तार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि समय पर निदान, बेहतर उपचार परिणाम और दीर्घकालिक जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
इन गाइडलाइंस में फेफड़ों के कैंसर के इलाज और पेलिएटिव केयर से जुड़ी 15 साक्ष्य-आधारित सिफारिशें शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य पद्धतियों के साथ भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप तैयार यह दस्तावेज़ मरीजों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
और पढ़ें: ट्रंप ने आंशिक सरकारी शटडाउन खत्म करने वाले विधेयक पर हस्ताक्षर किए, अगली राजनीतिक जंग की जमीन तैयार