मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक अमेरिकी लड़ाकू विमान ने उस ईरानी ड्रोन को मार गिराया, जो एक अमेरिकी विमानवाहक पोत की ओर “आक्रामक तरीके से” बढ़ रहा था। यह घटना मंगलवार को हुई, जिससे प्रस्तावित परमाणु वार्ता की पृष्ठभूमि में हालात और गंभीर हो गए हैं।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा कि इस घटना के बावजूद अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के इस सप्ताह के अंत में ईरानी अधिकारियों से बातचीत करने की संभावना बनी हुई है। ड्रोन गिराए जाने की यह घटना उसी दिन हुई, जब ईरानी बलों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक अमेरिकी झंडे वाले टैंकर को रोकने की कोशिश की थी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स के अनुसार, विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन से उड़ान भरने वाले F-35C लड़ाकू विमान ने आत्मरक्षा में ईरानी ड्रोन को मार गिराया। यह विमानवाहक पोत पिछले महीने अरब सागर में तैनात किया गया था।
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अमेरिका और ईरान के बीच हाल के दिनों में टकराव तेज हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी, जबकि तेहरान ने अमेरिकी जहाजों और ठिकानों पर हमले की धमकी दी थी। इसके बावजूद दोनों देशों ने शुक्रवार को संभावित वार्ता पर सहमति जताई है, हालांकि ट्रंप ने सैन्य विकल्प से इनकार नहीं किया है। ईरान के राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि बातचीत तभी होगी, जब वह धमकियों से मुक्त माहौल में हो।
इस बीच, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरानी गनबोट्स और ड्रोन ने एक अमेरिकी झंडे वाले टैंकर को घेरने की कोशिश की, जिसके बाद अमेरिकी नौसेना ने हस्तक्षेप कर जहाज को सुरक्षित बाहर निकाला।
ईरान में जारी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बाद हालात और संवेदनशील बने हुए हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इन प्रदर्शनों में हजारों लोगों की मौत और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं। ईरान का आरोप है कि इन प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इज़रायल का हाथ है।
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