इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा ने महाभियोग की प्रक्रिया के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंप दिया। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब उनके आवास पर कथित रूप से नकद राशि की खोज का मामला सुर्खियों में था।
रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने इस्तीफे की औपचारिकता राष्ट्रपति को पूरी कर दी है। उनकी नियुक्ति और बाद के घटनाक्रमों पर पिछले कुछ समय से विवाद बना हुआ था। बताया जा रहा है कि उनके घर पर इस मामले की जांच के दौरान भारी मात्रा में नकदी की खोज की गई थी, जिसे लेकर कई तरह की अफवाहें और सवाल उठे थे।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच महाभियोग की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी, जिसमें उनकी स्वतंत्रता और न्यायिक प्रतिष्ठा को लेकर कई कानूनी सवाल उठाए गए थे। जस्टिस वर्मा का इस्तीफा इस विवाद का एक महत्वपूर्ण मोड़ है और इसके बाद अब राष्ट्रपति द्वारा इसे स्वीकार किया जाएगा।
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जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा भारतीय न्यायिक प्रणाली के लिए एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। उनका इस्तीफा इस समय के दौरान आया जब उनके खिलाफ कई आरोप लगाए गए थे और न्यायपालिका की स्वायत्तता को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे।
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