बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली, जिससे राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्हें राज्यसभा में शपथ ग्रहण के लिए राज्यसभा अध्यक्ष श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने शपथ दिलाई।
नीतीश कुमार की राज्यसभा में सदस्यता की शुरुआत बिहार में उनके लंबे शासनकाल का अंत साबित हुई। नीतीश कुमार को 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुना गया था, और इसके बाद उन्होंने बिहार राज्य विधान परिषद (MLC) से इस्तीफा दे दिया था। नीतीश कुमार ने 30 मार्च को विधान परिषद से इस्तीफा दिया था, क्योंकि राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका चुनाव हो चुका था।
बिहार में सत्ता के बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, और 14 अप्रैल को नई सरकार के गठन के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) द्वारा नए मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाएगा। नीतीश कुमार के राज्यसभा में चुनाव के बाद से बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ आया है।
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नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए भाजपा और उसके सहयोगी दलों के बीच विचार-विमर्श जारी है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में गहरी हलचल मच गई है, और राज्य में आगामी चुनावों और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर राजनीतिक दलों में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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