वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों के कथित रूप से नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया है।
कपिल सिब्बल ने कहा कि लोकतंत्र “अब एक तमाशा बन गया है”, जहां राजनीतिक दलों और जनादेश की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसी भी दल के निर्वाचित सांसद केवल तभी किसी अन्य पार्टी में विलय कर सकते हैं, जब मूल पार्टी स्वयं इस प्रक्रिया को स्वीकार करे या अनुमति दे। सिब्बल ने यह भी सुझाव दिया कि टीएमसी को ऐसे बागी सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
और पढ़ें: हर मतदाता के साथ विश्वासघात: क़ुनाल घोष ने बागी टीएमसी सांसदों पर साधा निशाना
यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब टीएमसी के कई सांसदों के एनडीए या अन्य राजनीतिक समूहों के साथ जुड़ने की अटकलें तेज हैं, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
सिब्बल ने अप्रत्यक्ष रूप से यह भी संकेत दिया कि राजनीतिक दलों के भीतर इस तरह की गतिविधियां लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनादेश की भावना को कमजोर करती हैं।
उन्होंने कहा कि जनता द्वारा दिए गए वोट किसी पार्टी की विचारधारा और कार्यक्रम के समर्थन में होते हैं, न कि व्यक्तिगत लाभ या बाद में राजनीतिक बदलाव के लिए।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दल-बदल और राजनीतिक नैतिकता पर बहस को तेज कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन बेहद जरूरी है ताकि लोकतांत्रिक ढांचे की गरिमा बनी रहे।
और पढ़ें: TMC में बड़ी टूट: सुदीप बंद्योपाध्याय शामिल हुए बागी खेमे में, दिल्ली में भूपेंद्र यादव से मुलाकात