कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को नीति आयोग से राज्य की विकास परियोजनाओं के लिए सहयोग और पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक राज्यों का विकास नहीं होगा, तब तक देश के समग्र विकास का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।
कर्नाटक मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, डीके शिवकुमार ने नीति आयोग से राज्य को मिलने वाले उचित वित्तीय हिस्से के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया। उन्होंने केंद्र सरकार के बजट में पहले घोषित किए गए अनुदानों सहित राज्य के हिस्से की धनराशि उपलब्ध कराने की मांग की।
शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला राज्य है और यहां कई विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए केंद्र के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने नीति आयोग के समक्ष राज्य की प्राथमिकताओं और विकास से जुड़े मुद्दों को रखने पर जोर दिया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय से देश के विकास को नई गति दी जा सकती है। उनके मुताबिक, बुनियादी ढांचे, आर्थिक विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए राज्यों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने नीति आयोग से कर्नाटक की विकास योजनाओं को प्राथमिकता देने और लंबित वित्तीय सहायता के मुद्दों पर सकारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया। शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इसके लिए केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता भी महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोगात्मक संघवाद को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है जब प्रत्येक राज्य अपनी क्षमता के अनुसार विकास की दिशा में आगे बढ़े।
शिवकुमार की यह मांग ऐसे समय सामने आई है, जब केंद्र और विभिन्न राज्यों के बीच वित्तीय हिस्सेदारी, अनुदान और विकास परियोजनाओं के लिए संसाधनों को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। कर्नाटक सरकार का कहना है कि राज्य को उसके उचित वित्तीय हिस्से के साथ पहले घोषित केंद्रीय सहायता भी मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान के मुताबिक, नीति आयोग के साथ चर्चा का उद्देश्य राज्य की विकास प्राथमिकताओं को मजबूती देना और प्रमुख परियोजनाओं के लिए आवश्यक संसाधन सुनिश्चित करना है। शिवकुमार ने उम्मीद जताई कि नीति आयोग कर्नाटक की मांगों पर उचित कार्रवाई करेगा।
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