असम के काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एवं टाइगर रिज़र्व में पखवाड़े भर के भीतर तीसरे बाघ की मौत की पुष्टि हुई है। वन विभाग के अधिकारियों ने रविवार (18 जनवरी, 2026) को पार्क के बागोरी रेंज के काठपोरा क्षेत्र से एक मादा बाघ का शव बरामद किया। प्रारंभिक जांच में बाघों के बीच आपसी संघर्ष को मौत का कारण बताया जा रहा है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब कुछ ही घंटों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काज़ीरंगा के निकट कलियाबोर में 86 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की आधारशिला रखी थी। यह कॉरिडोर वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है।
वन अधिकारियों के अनुसार, मादा बाघ के शरीर पर संघर्ष के निशान पाए गए हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्रीय प्रभुत्व को लेकर अन्य बाघों के साथ उसकी भिड़ंत हुई होगी। काज़ीरंगा में बाघों की संख्या अधिक होने और सीमित क्षेत्र में उनकी आवाजाही के कारण कभी-कभी ऐसे संघर्ष की घटनाएं सामने आती हैं।
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वन विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के सटीक कारणों की पुष्टि की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में हुई बाघों की मौतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और गश्त तथा निगरानी बढ़ाई गई है।
काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान विश्व धरोहर स्थल है और बाघ संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि संरक्षण के साथ-साथ बाघों के सुरक्षित आवास और पर्याप्त क्षेत्र सुनिश्चित करना भी जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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