आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने दिल्ली, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल में दोबारा चुनाव कराने की मांग की। केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने की भी मांग की।
केजरीवाल ने कहा कि चुनाव आयोग किसी एक व्यक्ति का नाम नहीं है, बल्कि इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और दो अन्य चुनाव आयुक्त शामिल होते हैं। उनके अनुसार, तीनों मिलकर निर्णय लेते हैं और फैसले सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर होते हैं। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति को अकेले आयोग चलाने या अधिकारियों को आदेश देने का अधिकार नहीं है।
केजरीवाल ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में चुनाव आयोग के भीतर फैसलों को लेकर मतभेद सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर कथित तौर पर बिना आयोग की मंजूरी आदेश जारी किए जाने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने चुनाव आयुक्त विवेक जोशी के पत्र का भी उल्लेख किया, जिसमें कथित तौर पर आयोग की मंजूरी के बिना परिपत्र जारी होने की बात कही गई थी।
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केजरीवाल ने कहा कि आयोग की मंजूरी के बिना जारी किए गए सभी आदेशों की वैधता पर सवाल उठता है। उन्होंने एसआईआर के तहत मतदाता सूची में हुए बदलावों को रद्द करने और दो-तीन साल पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग की। उन्होंने फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को भी गलत बताया।
आप नेता ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं और एसआईआर की पूरी प्रक्रिया रद्द की जानी चाहिए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए इसे स्वतंत्र भारत का बड़ा राजनीतिक विवाद बताया।
केजरीवाल ने कहा कि वह इस मुद्दे पर विपक्षी दलों से बातचीत करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि मामला केवल सत्ता पक्ष या विपक्ष का नहीं है और सभी लोगों को अपनी आवाज उठानी चाहिए।
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