केरल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को हल्की बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की राजनीति में भले ही दो प्रमुख गठबंधनों—यूडीएफ और एलडीएफ—का दबदबा कायम है, लेकिन एनडीए की स्थिति में मामूली सुधार के संकेत मिले हैं।
इस बार के चुनाव में मतदान 9 अप्रैल को हुआ था, जिसमें केरल में 78 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो हाल के वर्षों में सबसे अधिक माना जा रहा है। राज्य में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला, जिसमें सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ), कांग्रेस नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए शामिल रहा।
एग्जिट पोल के अनुसार, एनडीए को इस बार लगभग 13.40 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान है। यह 2021 के 12.41 प्रतिशत वोट शेयर की तुलना में हल्की वृद्धि को दर्शाता है। हालांकि 2021 के चुनाव में इतना वोट शेयर होने के बावजूद एनडीए को एक भी सीट नहीं मिली थी।
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इस बार सीटों के अनुमान में भी थोड़ा बदलाव देखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक एनडीए को 140 सदस्यीय विधानसभा में 3 से 5 सीटें मिल सकती हैं। यह पिछले चुनाव की तुलना में एक महत्वपूर्ण, लेकिन सीमित प्रगति मानी जा रही है।
वहीं, मुख्य मुकाबला यूडीएफ और एलडीएफ के बीच ही बना हुआ है। एग्जिट पोल में यूडीएफ को 70 से 75 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि एलडीएफ को 60 से 65 सीटों के बीच जीत मिल सकती है। इससे दोनों गठबंधनों के बीच कांटे की टक्कर का संकेत मिलता है।
हालांकि यह केवल एग्जिट पोल के आंकड़े हैं, वास्तविक नतीजे मतगणना के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिर भी इन अनुमानों ने केरल की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है।
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