सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों के बाद केरल सरकार ने सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में नियुक्ति और पदोन्नति के लिए केरल शिक्षक पात्रता परीक्षा (KTET) को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। ये दिशा-निर्देश शिक्षकों की पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य बनाए जाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के मद्देनजर जारी किए गए हैं।
सरकार ने बताया कि यह निर्णय 7 अगस्त 2023 को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले और इसके बाद 1 सितंबर 2025 को रिट याचिका संख्या 1385/2025 तथा संबंधित सिविल अपीलों में दिए गए निर्णय की पृष्ठभूमि में लिया गया है। नई गाइडलाइंस जारी करने से पहले सामान्य शिक्षा निदेशक से स्पष्टीकरण मांगा गया और पूरे मामले की विस्तार से समीक्षा की गई।
नई गाइडलाइंस के अनुसार, जिन उम्मीदवारों ने K-TET श्रेणी I या श्रेणी II उत्तीर्ण की है, वे लोअर प्राइमरी (LP) और अपर प्राइमरी (UP) शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति के लिए पात्र बने रहेंगे। वहीं, K-TET श्रेणी III पास करने वाले उम्मीदवारों को केवल हाई स्कूल शिक्षक पदों के लिए ही योग्य माना जाएगा।
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सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि हाई स्कूल स्तर के भाषा शिक्षकों के पास K-TET श्रेणी III के साथ-साथ श्रेणी IV की योग्यता होना अनिवार्य होगा। एक बड़े बदलाव के तहत SET, NET, MPhil, PhD या MEd जैसी उच्च शैक्षणिक योग्यताओं वाले उम्मीदवारों को दी गई K-TET से छूट को समाप्त कर दिया गया है। अब इन उम्मीदवारों को भी संबंधित K-TET श्रेणी उत्तीर्ण करनी होगी।
पदोन्नति के मामलों में केवल वे सेवारत हाई स्कूल शिक्षक, जिनके पास K-TET श्रेणी III की योग्यता है, प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति तथा स्थानांतरण के जरिए उच्चतर माध्यमिक शिक्षक (HSST) और HSST (जूनियर) पदों के लिए पात्र होंगे।
केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) से जुड़ी मौजूदा छूट जारी रहेगी। CTET प्राइमरी स्टेज पास उम्मीदवार LP शिक्षक और CTET एलिमेंट्री स्टेज पास उम्मीदवार UP शिक्षक पदों के लिए पात्र होंगे।
सरकार ने यह भी कहा है कि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति की मौजूदा प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा। ये नई गाइडलाइंस फिलहाल लागू रहेंगी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में लंबित समीक्षा याचिका के अंतिम फैसले के अधीन होंगी।
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