कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल ही में जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश में स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े गंभीर आंकड़ों को छिपाने और कम करके दिखाने की कोशिश कर रही है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार की “पूर्ण अक्षमता” पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि देश में हर पांच में से एक बच्चा गंभीर कुपोषण का शिकार है, जबकि लगभग एक-तिहाई बच्चे कम वजन की समस्या से जूझ रहे हैं।
खरगे ने कहा कि यह आंकड़े देश की स्वास्थ्य व्यवस्था और पोषण योजनाओं की वास्तविक स्थिति को उजागर करते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह जमीनी हकीकत को स्वीकार करने के बजाय आंकड़ों को दबाने या गलत तरीके से प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है।
और पढ़ें: बी. के. हरिप्रसाद बने कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष, विवादित बयानों के चलते चर्चा तेज
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जब बच्चों का भविष्य कुपोषण और स्वास्थ्य संकट से प्रभावित हो रहा हो, तब सरकार को जवाबदेही के साथ ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह स्थिति देश के विकास के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) को देश में स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण डेटा स्रोत माना जाता है, जो विभिन्न सामाजिक-आर्थिक संकेतकों का अध्ययन करता है। इस रिपोर्ट के निष्कर्षों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
वहीं, विपक्ष का कहना है कि सरकार को इन आंकड़ों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं को और प्रभावी बनाना चाहिए, ताकि बच्चों में कुपोषण की समस्या को कम किया जा सके।
और पढ़ें: डी.के. शिवकुमार के शपथ ग्रहण से पहले कर्नाटक में जश्न, 10 लाख लड्डू बांटने की तैयारी