शनिवार (28 फरवरी 2026) को, जम्मू और कश्मीर में अमेरिका और इजरायल द्वारा इरान पर किए गए हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए। कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सैकड़ों लोगों ने इरान के समर्थन में सड़कों पर उतरकर विरोध जताया और इरान के पक्ष में नारेबाजी की। इसी तरह के दृश्य बडगाम और श्रीनगर जिलों में भी देखे गए, जहां स्थानीय लोग इरान के खिलाफ की गई कार्रवाई का विरोध कर रहे थे।
इरान पर हुए संयुक्त हमले के बाद, कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई। वहीं, कश्मीर में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय कांग्रेस (एनसी) ने केंद्र से अपील की कि वह पश्चिमी एशियाई देश में फंसे सभी कश्मीरियों को "हर उपलब्ध रास्ते" से निकालने के लिए कदम उठाए।
राष्ट्रीय कांग्रेस (एनसी), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु ने अमेरिका और इजरायल द्वारा इरान पर किए गए संयुक्त हमलों की कड़ी निंदा की। नेताओं ने कहा कि यह हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हैं।
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इरान पर हमले के बाद, कश्मीर में बढ़ती तनाव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बलों ने कड़ी निगरानी और सुरक्षा उपायों को लागू किया। कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में हिंसा और विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रशासन सतर्क था और शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई थी।
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