भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सरकार को ₹7,324.34 करोड़ का डिविडेंड भुगतान किया है। एलआईसी के सीईओ और प्रबंध निदेशक आर. दोरईस्वामी ने यह चेक केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपा। यह भुगतान उन लाभांशों का हिस्सा है जिसे एलआईसी के शेयरधारकों ने मंजूरी दी थी।
एलआईसी भारत सरकार की सबसे बड़ी वित्तीय संस्था में से एक है और इसमें सरकार की बहुलांश हिस्सेदारी है। इस डिविडेंड भुगतान से न केवल सरकार की आय में बढ़ोतरी होगी बल्कि यह वित्तीय अनुशासन और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रदर्शन को भी दर्शाता है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह भुगतान सरकार के राजस्व लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक होगा और सार्वजनिक निवेश तथा सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराएगा। एलआईसी द्वारा लगातार उच्च लाभांश वितरण से यह भी साबित होता है कि संस्था का निवेश पोर्टफोलियो और बीमा कारोबार मजबूत स्थिति में है।
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एलआईसी पिछले कुछ वर्षों में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद भी स्थिर प्रदर्शन करती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी हिस्सेदारी वाले सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा समय पर लाभांश का भुगतान निवेशकों और बाजार दोनों के लिए सकारात्मक संकेत है।
निर्मला सीतारमण ने एलआईसी प्रबंधन को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और इसे देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देने वाला कदम बताया।
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