भारतीय एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) वाहक जहाज ‘दिशा’ ने खतरनाक माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है। यह जहाज शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम द्वारा संचालित है और इसमें 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी कार्गो लदा हुआ है।
शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, यह पिछले तीन महीनों में पहला भारतीय झंडा-धारक एलएनजी जहाज है, जिसने युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित निकलकर सफल ट्रांजिट पूरा किया है। मंत्रालय के अधिकारी ओपेश कुमार शर्मा ने बताया कि जहाज अब भारत की ओर बढ़ रहा है और 18 जून 2026 को गुजरात के दाहेज बंदरगाह पर पहुंचने की संभावना है।
उन्होंने बताया, “एलएनजी कैरियर दिशा ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर लिया है और यह 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी लेकर आ रहा है। यह जहाज 18 जून को दाहेज पहुंचेगा।”
और पढ़ें: ट्रंप का दावा—14 जून को अमेरिका-ईरान शांति समझौता, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खुलेगा
शिपिंग मंत्रालय ने कहा कि डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग लगातार विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों, शिपिंग कंपनियों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय में काम कर रहा है ताकि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि मंत्रालय द्वारा स्थापित कंट्रोल रूम ने अब तक 12,737 कॉल और 28,299 ईमेल प्राप्त किए हैं। पिछले 96 घंटों में ही 406 कॉल और 784 ईमेल दर्ज किए गए हैं, जो नाविकों और उनके परिवारों से संबंधित हैं।
अब तक 3,587 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जिनमें पिछले 96 घंटों में 50 लोग शामिल हैं। देशभर के बंदरगाहों पर संचालन सामान्य है और किसी भी प्रकार की भीड़ या बाधा की सूचना नहीं है।
मध्य पूर्व में हालिया संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा था, लेकिन अब अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की संभावना से स्थिति में सुधार के संकेत मिले हैं। भारत ने हमेशा से होर्मुज जलमार्ग को खुला रखने और कूटनीतिक समाधान की वकालत की है।
और पढ़ें: होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका ने मार गिराए ईरानी ड्रोन, क्यों जारी हैं दोनों देशों के जवाबी हमले?