जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास मंगलवार को एक आकस्मिक ग्रेनेड विस्फोट में भारतीय सेना के चार जवान घायल हो गए। घायलों में एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) भी शामिल हैं। घटना नौशेरा सेक्टर में नियमित गश्त के दौरान हुई।
जानकारी के अनुसार, कुमाऊं रेजिमेंट की एक टुकड़ी एलओसी के निकट नियमित निगरानी और सुरक्षा गश्त पर तैनात थी। इसी दौरान एक मल्टी मोड ग्रेनेड अचानक फट गया। विस्फोट इतना तेज था कि एक जेसीओ और तीन जवान घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य सैनिकों ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। सभी घायल सैनिकों को प्राथमिक उपचार देने के बाद निकटवर्ती सैन्य चिकित्सा केंद्र में पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सेना की ओर से फिलहाल उनकी स्थिति को स्थिर बताया गया है।
और पढ़ें: लखनऊ के ऐशबाग स्टेशन पर बम की अफवाह से मची भगदड़, सीट न मिलने पर यात्री ने फैलाई झूठी खबर
यह घटना ऐसे समय हुई है जब सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बल लगातार निगरानी अभियान चला रहे हैं। सेना ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
गौरतलब है कि इससे पहले 9 जून को बारामूला जिले के उड़ी सेक्टर में भी एक आकस्मिक ग्रेनेड विस्फोट हुआ था। उस घटना में दो जवानों की मौत हो गई थी। अधिकारियों के अनुसार, कैंप में उपकरणों के नियमित हस्तांतरण के दौरान हैंड ग्रेनेड अचानक फट गया था।
इसके अलावा मई महीने में राजौरी और जम्मू जिलों में दो मोर्टार शेल और एक हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए थे। बम निरोधक दस्ते ने उन्हें सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया था।
सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। सेना और सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्कता बरत रही हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
और पढ़ें: TMC बगावत के बीच यूसुफ पठान पर बड़ा दावा, बीजेपी के खिलाफ बोले तो घर पर बुलडोजर चल जाएगा