लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान हुए हंगामे को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। बीजेपी की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर विपक्षी सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुर्सी को घेर लिया, जिसके चलते प्रधानमंत्री को अपना भाषण रद्द करना पड़ा।
पत्र में कहा गया कि सदन में “दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक घटना” हुई, जब विपक्षी सदस्य वेल में आ गए, मेजों पर चढ़ गए, कागज फाड़कर स्पीकर की ओर फेंके और सदन की कार्यवाही बाधित की। बीजेपी सांसदों ने इसे संसदीय लोकतंत्र के इतिहास के सबसे काले पलों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि वे भड़काए जाने के बावजूद वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर शांत रहीं।
बीजेपी सांसदों ने यह भी आरोप लगाया कि 4 फरवरी को विपक्षी महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की सीट को घेरने के बाद स्पीकर के कक्ष की ओर आक्रामक रुख किया। उन्होंने स्पीकर से इस घटना में शामिल सांसदों के खिलाफ “सबसे कड़ी कार्रवाई” करने की मांग की।
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यह पत्र कांग्रेस महिला सांसदों के उस पत्र के जवाब में लिखा गया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ दल स्पीकर से उनके खिलाफ “झूठे और निराधार” आरोप लगवा रहा है। कांग्रेस सांसदों ने कहा कि उनका विरोध शांतिपूर्ण और संसदीय परंपराओं के अनुरूप था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लगातार चार दिनों तक बोलने का मौका नहीं दिया गया।
इस विवाद के बीच लोकसभा में गतिरोध जारी है। यह टकराव तब और बढ़ गया जब राहुल गांधी ने चीन के साथ 2020 के गतिरोध का जिक्र करते हुए पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब का हवाला देने की कोशिश की।
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