महाराष्ट्र के पुणे में आदिवासी छात्रों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। छात्रों ने मंजरी क्षेत्र स्थित आदिवासी छात्रावास में आंदोलन शुरू करते हुए सरकार से आदिवासी विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसी के विरोध में छात्रों ने भूख हड़ताल का रास्ता अपनाया है। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आदिवासी छात्र संगठनों से जुड़े प्रदर्शनकारियों के अनुसार, शिक्षा और छात्रावास से संबंधित सुविधाओं के अलावा आदिवासी विद्यार्थियों के अधिकारों और कल्याण से जुड़े कई मुद्दे सरकार के समक्ष पहले भी उठाए जा चुके हैं। उनका आरोप है कि मांगों पर चर्चा और आश्वासन के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित समाधान नहीं हुआ।
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भूख हड़ताल शुरू होने के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों पर छात्रों की मांगों पर ध्यान देने का दबाव बढ़ गया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि लंबित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक एवं छात्रावास सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी एक व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि आदिवासी विद्यार्थियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान के लिए है। उन्होंने सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद जताई है।
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