पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर अदालत ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। यह कार्रवाई भारतीय सेना को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में बार-बार अदालत में पेश नहीं होने के बाद की गई।
महुआ मोइत्रा पर एक साक्षात्कार के दौरान भारतीय सेना के बारे में विवादित टिप्पणी करने का आरोप है। इसके बाद उनके खिलाफ कृष्णानगर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) की अदालत में मामला दर्ज किया गया था।
अदालत के सूत्रों के मुताबिक, सांसद को कई बार सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद वह अदालत में पेश नहीं हुईं। मंगलवार को भी न्यायाधीश ने उन्हें अगले दिन अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया था, लेकिन वह नहीं पहुंचीं। इसके बाद तीसरे न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया।
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मामले में महिलाओं की गरिमा का अपमान, विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने, धार्मिक भावनाएं आहत करने, आपराधिक धमकी और कथित घृणा भाषण से संबंधित धाराओं में शिकायत दर्ज की गई है।
महुआ के वकील ने अदालत को बताया कि उन्हें अदालत परिसर के बाहर विरोध या दुर्व्यवहार की आशंका है, इसलिए वह पेश नहीं हो सकतीं। हालांकि, न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि अदालत के आदेशों का पालन नहीं किया गया है।
इस बीच, इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक अन्य कथित घृणा भाषण मामले में महुआ मोइत्रा को पांच अक्टूबर तक अंतरिम सुरक्षा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी अगस्त में हाई कोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था, जिसमें उन्हें पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था।
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