पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा मालदा घटना पर की गई टिप्पणी के बाद बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। ममता ने कहा कि यह बीजेपी की साजिश है, जिसका उद्देश्य राज्य में चुनाव रद्द करवाना और राष्ट्रपति शासन लागू करना है।
सुप्रीम कोर्ट ने मालदा जिले में सात न्यायिक अधिकारियों, जिनमें तीन महिला अधिकारी भी थीं, के साथ हुए उत्पीड़न पर गंभीर रुख अपनाया। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पहले न्यायिक अधिकारियों से मुलाकात की कोशिश की, लेकिन जब उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया, तो उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और कार्यालय को घेर लिया। ममता ने कहा कि इस घटना के लिए प्रशासन ने उन्हें सूचित नहीं किया और यह पूरी तरह से चुनाव आयोग के नियंत्रण में है।
ममता ने कहा कि चुनाव आयोग ने उनके सभी अधिकार छीन लिए हैं और वह राज्य में कानून और व्यवस्था के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के कुछ सदस्य और बाहरी तत्वों ने इस घटना को बढ़ावा दिया और राज्य की छवि को नुकसान पहुँचाया।
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ममता ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि वे बीजेपी की साजिशों में न फंसे। उन्होंने इस घटना को 'राज्य की प्रतिष्ठा को नुकसान' बताया और लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने की सलाह दी।
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