जातीय हिंसा से प्रभावित मणिपुर में शनिवार (11 जुलाई 2026) को संभावित सामुदायिक टकराव की स्थिति को सुरक्षा बलों ने समय रहते नियंत्रित कर लिया। पुलिस के अनुसार, करीब 600 लोगों की एक भीड़ ने एक इलाके की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसे संयुक्त सुरक्षा बलों की टीम ने रोक दिया।
मणिपुर पुलिस ने बताया कि कथित तौर पर कुकी बहुल पहाड़ी जिले कांगपोकपी से आई भीड़ मैतेई बहुल इंफाल पश्चिम जिले के एक गांव की ओर बढ़ रही थी। यह क्षेत्र लंबे समय से जातीय तनाव से प्रभावित रहा है और दोनों समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति बनी हुई है।
अधिकारियों के मुताबिक, भीड़ कांतों साबल इलाके की ओर बढ़ रही थी, जो कांगपोकपी और इंफाल पश्चिम जिलों के बीच स्थित एक “बफर जोन” क्षेत्र है। सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और भीड़ को आगे बढ़ने से रोक दिया।
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पुलिस के अनुसार, जिस गांव की ओर भीड़ बढ़ रही थी, वहां अधिकतर घर खाली पड़े हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका थी कि इस घटना से इलाके में दोबारा सांप्रदायिक तनाव और हिंसा भड़क सकती है।
मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष जारी है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। राज्य के कई संवेदनशील इलाकों में अभी भी सुरक्षा बल तैनात हैं।
अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। सुरक्षा बल किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए लगातार गश्त कर रहे हैं।
पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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