मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने मुंबई के ऐतिहासिक आज़ाद मैदान में दूसरे दिन भी अपना अनिश्चितकालीन उपवास जारी रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मराठा समाज की मांगें पूरी होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
रातभर हुई भारी बारिश के कारण मैदान में कीचड़ हो गया, जिससे जरांगे और उनके समर्थकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आंदोलनकारियों ने यह भी शिकायत की कि बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है, विशेषकर शौचालयों में पानी की अनुपलब्धता को लेकर असंतोष व्यक्त किया।
जरांगे ने कहा कि मराठा समाज को न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि समुदाय के युवाओं को शिक्षा और रोजगार में आरक्षण देकर उनके भविष्य को सुरक्षित बनाया जाए। आंदोलन स्थल पर जुटे समर्थकों ने एकजुट होकर नारेबाज़ी की और अपने नेता के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
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विशेषज्ञों का मानना है कि जरांगे का यह उपवास आंदोलन महाराष्ट्र सरकार पर दबाव बढ़ा सकता है। पहले भी जरांगे कई बार मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर चुके हैं और उनके विरोध प्रदर्शन ने व्यापक जनसमर्थन प्राप्त किया है।
सरकार ने अब तक इस आंदोलन को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि जरांगे के कठोर रुख को देखते हुए वार्ता के प्रयास तेज़ किए जा सकते हैं। इस बीच आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो विरोध और तीव्र होगा।
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