भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को वैश्विक तनाव और वित्तीय तथा निजी बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के दबाव के बीच गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशकों की धारणा पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर दिखाई दिया। हालांकि व्यापक बाजार में अपेक्षाकृत मजबूती बनी रही, लेकिन प्रमुख वित्तीय शेयरों में कमजोरी ने सेंसेक्स और निफ्टी को नुकसान पहुंचाया।
कारोबार के अंत में निफ्टी 65.35 अंक यानी 0.27 प्रतिशत गिरकर 24,570.65 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 455.59 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,499.17 अंक पर आ गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,600 से 24,700 का स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, 24,500 का स्तर तत्काल महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि निफ्टी निर्णायक रूप से इस स्तर से नीचे जाता है तो मुनाफावसूली और बढ़ सकती है तथा सूचकांक 24,400 से 24,300 के क्षेत्र तक फिसल सकता है।
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पूरे कारोबारी सत्र में निवेशकों ने वित्तीय शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम करने को प्राथमिकता दी। निफ्टी वित्तीय सेवा और निफ्टी निजी बैंक सूचकांक सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रीय सूचकांकों में रहे।
निफ्टी के प्रमुख शेयरों में बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और ट्रेंट सबसे बड़े गिरावट वाले शेयर रहे। हालांकि व्यापक बाजार ने मजबूती दिखाई। निफ्टी मिडकैप सूचकांक 0.22 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.05 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
क्षेत्रीय स्तर पर ऑटो और सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा दिया। निफ्टी ऑटो और निफ्टी आईटी प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांकों में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले रहे।
विशेषज्ञों ने कहा कि शुक्रवार के कारोबार में निवेशकों का रुख जोखिम से बचने वाला रहा। भू-राजनीतिक घटनाक्रमों की चिंता ने चुनिंदा क्षेत्रों में आई तेजी पर भी असर डाला। इस बीच, भारतीय स्टेट बैंक के मजबूत प्रदर्शन ने बैंकिंग और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग शेयरों में भरोसा बढ़ाया। बेहतर ऋण वृद्धि, परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार और मजबूत मार्जिन को इसके प्रमुख कारण माना गया।
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