अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने भारतीय युवाओं से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने वाले अमेरिका स्थित कुछ दानदाता सीजेपी को आर्थिक मदद दे रहे हैं। मिलबेन ने यह बयान बुधवार को नई दिल्ली में विपक्षी दलों और सीजेपी समर्थकों के प्रदर्शन के बीच दिया।
प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। उनका आरोप है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताएं हुई हैं।
मैरी मिलबेन ने क्या कहा?
41 वर्षीय मिलबेन ने दावा किया कि सीजेपी नेता अभिजीत दिपके और उनकी पार्टी को अमेरिका में बैठे ऐसे दानदाताओं से वित्तीय सहायता मिल रही है, जो मोदी के नेतृत्व का विरोध करते हैं। उन्होंने भारतीय युवाओं से चुप नहीं रहने और कथित तौर पर देश में अशांति फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ खड़े होने की अपील की।
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मिलबेन ने प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने मोदी के 25 वर्षों के राजनीतिक अनुभव और प्रधानमंत्री के रूप में 12 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, भारत के नेतृत्व को विदेशी विरोधियों के दबाव में नहीं झुकना चाहिए।
गायिका ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अमेरिकी दानदाता दुनिया भर के रूढ़िवादी नेताओं को निशाना बनाते हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोग अमेरिका में शिक्षित व्यक्तियों को अपने प्रभाव में लेकर उनके देशों में राजनीतिक आंदोलन खड़े करने के लिए आर्थिक मदद देते हैं। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।
युवाओं से शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील
मिलबेन ने भारत में लोकतंत्र और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए नए जनआंदोलन का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से संगठित होकर सीजेपी की कथित गतिविधियों का शांतिपूर्ण विरोध करने को कहा।
कौन हैं मैरी मिलबेन?
मैरी मिलबेन अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री हैं। भारत में उन्हें राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और भक्ति गीत ‘ओम जय जगदीश हरे’ की प्रस्तुतियों से पहचान मिली। वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान उन्होंने एक कार्यक्रम में भारत का राष्ट्रगान प्रस्तुत किया था।
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