मेघालय विधानसभा ने बुधवार, 26 अगस्त 2026 को राज्य में यूरेनियम खनन का विरोध करने वाला प्रस्ताव पारित किया। विधानसभा ने राज्य में यूरेनियम अयस्क के प्रसंस्करण के लिए किसी संयंत्र की स्थापना का भी विरोध करने का फैसला किया है।
यूरेनियम एक रेडियोधर्मी खनिज है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से परमाणु ऊर्जा और अन्य परमाणु गतिविधियों में किया जाता है। मेघालय में इसके संभावित खनन और प्रसंस्करण को लेकर लंबे समय से स्थानीय समुदायों की ओर से विरोध होता रहा है।
स्थानीय लोग विशेष रूप से दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स जिले के डोमियासियाट, लोस्तॉइन, मावथाबाह और वाहकाजी क्षेत्रों में यूरेनियम की प्रस्तावित खोज और खनन का विरोध कर रहे हैं। समुदायों की ओर से पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय लोगों के जीवन पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई जाती रही है।
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विधानसभा में पारित प्रस्ताव राज्य में यूरेनियम खनन को लेकर सरकार और स्थानीय समुदायों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों के बीच आया है। प्रस्ताव के जरिए विधानसभा ने राज्य में यूरेनियम खनन और यूरेनियम अयस्क प्रसंस्करण से जुड़ी किसी भी परियोजना के प्रति अपना विरोध स्पष्ट किया है।
यूरेनियम खनन को लेकर मेघालय में पहले भी कई बार विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। स्थानीय समुदायों का कहना है कि खनन परियोजनाओं से क्षेत्र के प्राकृतिक पर्यावरण और स्थानीय लोगों की आजीविका पर असर पड़ सकता है। वहीं, यूरेनियम संसाधनों की खोज को लेकर केंद्र और संबंधित एजेंसियां लंबे समय से संभावनाएं तलाशती रही हैं।
विधानसभा के प्रस्ताव के बाद राज्य में यूरेनियम खनन से जुड़ी परियोजनाओं के भविष्य पर भी चर्चा तेज होने की संभावना है। स्थानीय समुदायों के विरोध के बीच राज्य सरकार का यह रुख इस मुद्दे पर मेघालय की राजनीतिक स्थिति को और स्पष्ट करता है।
अब प्रस्ताव के बाद केंद्र और राज्य सरकारों के स्तर पर इस विषय को लेकर आगे की नीति और कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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