भारत से फरार कारोबारी और पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी की जमानत याचिका को बेल्जियम की अपीली अदालत ने खारिज कर दिया है। चोकसी को इस वर्ष अप्रैल में बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी भारतीय जांच एजेंसी सीबीआई द्वारा भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर हुई थी।
सीबीआई ने बेल्जियम सरकार से अनुरोध किया था कि चोकसी को भारत प्रत्यर्पित किया जाए, ताकि उन पर पीएनबी घोटाले से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जा सके। चोकसी पर हजारों करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में शामिल होने का आरोप है, जिसमें उनके खिलाफ इंटरपोल ने भी नोटिस जारी किया हुआ है।
चोकसी ने बेल्जियम की अदालत में जमानत की गुहार लगाई थी, यह कहते हुए कि वे भारत में निष्पक्ष सुनवाई नहीं पा सकेंगे। हालांकि, अदालत ने उनके तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि मामले के गंभीर स्वरूप को देखते हुए उन्हें फिलहाल जमानत नहीं दी जा सकती। अदालत ने यह भी माना कि उनके फरार रहने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने की आशंका बनी हुई है।
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भारत सरकार और सीबीआई लगातार यह प्रयास कर रहे हैं कि चोकसी को जल्द से जल्द भारत लाया जाए और न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाए। बेल्जियम अदालत का यह फैसला भारत के लिए एक बड़ी कानूनी जीत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह प्रत्यर्पण प्रक्रिया को और मजबूत कर सकता है।
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