प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय जापान दौरे के दौरान वहां के प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी को विशेष उपहार भेंट किए। यह उपहार भारत की संस्कृति, परंपरा और हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं। मोदी के इन उपहारों को न केवल कूटनीतिक मित्रता का प्रतीक माना जा रहा है, बल्कि यह भारत-जापान संबंधों की गर्मजोशी और सम्मान को भी उजागर करते हैं।
भारत और जापान के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं, जिनमें व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरे के दौरान जापानी प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी के साथ विशेष बैठकें कीं और दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया।
उपहारों में भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प और कलाकृतियों का चयन किया गया था, जो भारतीय कला की विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं। इन उपहारों के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि भारत न केवल आर्थिक साझेदारी को महत्व देता है, बल्कि सांस्कृतिक रिश्तों को भी उतना ही अहम मानता है।
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जापान दौरे के समापन के बाद प्रधानमंत्री मोदी चीन रवाना हो गए, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह यात्रा भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि एससीओ मंच पर क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी।
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