सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर लघु वन्य उत्पाद (Minor Forest Produce – MFP) की खरीद 2024-25 में पिछले वर्ष की तुलना में भारी गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार 19 राज्यों में MFP की खरीद 2023-24 में 51,400 टन से घटकर 2024-25 में केवल 3,900 टन रह गई, यानी लगभग 92% की गिरावट।
जनजातीय मामलों के मंत्री जुवाल ओराम ने यह डेटा वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के प्रश्न के उत्तर में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने अब तक राज्यों को MSP पर MFP खरीद के लिए 319.65 करोड़ रुपये जारी किए हैं। साथ ही उन्होंने तीन वर्षों का राज्यवार MFP खरीद डेटा भी पेश किया।
मंत्री ने कहा कि यह कमी विभिन्न कारणों से हुई, जिनमें आपूर्ति श्रृंखला की कठिनाइयाँ, राज्यों द्वारा खरीद में देरी और अन्य प्रशासनिक बाधाएँ शामिल हैं। आंकड़े दर्शाते हैं कि MSP पर MFP की खरीद में गिरावट का प्रभाव सीधे आदिवासी किसानों और उत्पादकों पर पड़ा है, जो इस कार्यक्रम के मुख्य लाभार्थी हैं।
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जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यों को अब भी MSP पर MFP खरीद के लिए वित्तीय सहायता जारी है और राज्यों को इस प्रक्रिया को सक्रिय रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
इस आंकड़े से स्पष्ट होता है कि लघु वन्य उत्पाद की खरीद में पिछले साल की तुलना में तेज गिरावट आई है, और इसे सुधारने के लिए राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर कदम उठाने की आवश्यकता है।
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