बेंगलुरु: कर्नाटक विधान परिषद के सत्र के अंतिम दिन बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सी टी रवि को सदन से निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई कांग्रेस सदस्य नजीर अहमद के खिलाफ कथित “अपमानजनक टिप्पणी” करने के आरोप में की गई।
जानकारी के अनुसार, सी टी रवि ने दो दिन पहले नजीर अहमद पर एक बयान दिया था, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अहमद की टिप्पणी से जुड़ा हुआ था। रवि के इस बयान को कांग्रेस के सदस्यों ने आपत्तिजनक करार दिया और सदन में इसका कड़ा विरोध किया। कांग्रेस सदस्यों का कहना था कि इस तरह की भाषा और टिप्पणियां सदन की गरिमा के खिलाफ हैं और इस पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
बुधवार को पूरे दिन इस मुद्दे को लेकर सदन में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। कांग्रेस सदस्यों ने बार-बार चेयरमैन से रवि के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। सत्र समाप्त होने से लगभग एक घंटे पहले विधान परिषद के सभापति बसवराज होरट्टी ने सदन को संबोधित करते हुए सी टी रवि को पूरे दिन के लिए निलंबित करने की घोषणा की।
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सभापति के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। भाजपा की ओर से इस कार्रवाई को एकतरफा और दबाव में लिया गया निर्णय बताया गया, जबकि कांग्रेस ने इसे सदन की मर्यादा बनाए रखने के लिए जरूरी कदम करार दिया। विपक्ष का कहना है कि किसी भी सदस्य को व्यक्तिगत या अपमानजनक टिप्पणी करने की छूट नहीं दी जा सकती।
यह निलंबन ऐसे समय में हुआ है जब सत्र का अंतिम दिन था और सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया जाना था। घटना ने राज्य की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
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