मुंबई की मीठी नदी की सालाना सफाई पूरे जोरों पर चल रही है। इस दौरान, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने ठेकेदारों को निर्देश दिया है कि नदी के आसपास के सभी नीचले किनारों पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि बाढ़ की संभावना को कम किया जा सके। यह निर्णय अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजनाएं) अभिजित बंगार द्वारा चल रही सफाई कार्यों का निरीक्षण करने के बाद लिया गया।
इस वर्ष, निगम ने नदी की सफाई के लिए 28 करोड़ रुपये की निविदा जारी की थी। हालांकि, निविदा में केवल दो ठेकेदारों ने ही रुचि दिखाई। दो बार विस्तार देने के बावजूद अन्य कंपनियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
पिछले वर्ष, मॉनसून के दौरान मीठी नदी की सालाना सफाई स्थगित हो गई थी। इसका कारण यह था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नदी की सफाई से जुड़े कथित 1,100 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच शुरू की थी।
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बीएमसी के इस कदम का उद्देश्य केवल नदी को साफ करना नहीं है, बल्कि शहर में बाढ़ से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को भी रोकना है। नदी के नीचले किनारों पर ध्यान देने से पानी के बहाव में सुधार होगा और बारिश के मौसम में बाढ़ की आशंका कम होगी।
साफ-सफाई अभियान में स्थानीय नागरिकों और ठेकेदारों से सहयोग की उम्मीद की जा रही है। बीएमसी अधिकारियों ने कहा कि नदी के किनारे नियमित निगरानी और साफ-सफाई से भविष्य में शहरवासियों को राहत मिल सकेगी।
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