तमिलनाडु: पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने गुरुवार को कहा कि उन्हें 2026 विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिणाम पार्टी के लिए एक आत्म-मूल्यांकन का अवसर है।
स्टालिन ने चुनावी पराजय के बाद पार्टी की संगठनात्मक पुनर्बहाली के लिए एक नया आउटरीच इनिशिएटिव भी शुरू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य पार्टी को Grassroots स्तर पर मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को जोड़ना और जनता की उम्मीदों के अनुसार पार्टी की रणनीतियों को सुधारना है।
एम.के. स्टालिन ने अपने भाषण में कहा, “हमारे कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने कठिन परिश्रम किया, लेकिन हमें यह परिणाम मिला। मैं इस हार की पूरी जिम्मेदारी लेता हूँ और सुनिश्चित करता हूँ कि हम भविष्य के लिए अधिक संगठित और मजबूत होकर तैयार होंगे।”
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उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी अब जनता के साथ और अधिक संवाद करेगी और उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगी जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। स्टालिन का मानना है कि आगामी वर्षों में डीएमके को पुनः मजबूत करके तमिलनाडु में पार्टी की पहचान और नेतृत्व को सुदृढ़ किया जा सकेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि स्टालिन की इस स्वीकारोक्ति और नए संगठनात्मक प्रयास से पार्टी को जनता में विश्वास बहाल करने में मदद मिलेगी।
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