चीन की मूनशॉट एआई कंपनी ने अपने नए कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल किमी के3 (Kimi K3) के लॉन्च के साथ वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा को नया मोड़ दे दिया है। कंपनी का यह मॉडल अब तक का सबसे बड़ा ओपन-सोर्स एआई मॉडल बताया जा रहा है, जिसमें 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर हैं। यह क्षमता इसे अमेरिका की प्रमुख एआई कंपनियों ओपनएआई और एंथ्रोपिक के अत्याधुनिक मॉडलों के मुकाबले खड़ा करती है।
16 जुलाई को लॉन्च किए गए किमी के3 के बाद वॉल स्ट्रीट और सिलिकॉन वैली में इसे अमेरिकी एआई मॉडलों के लिए एक वास्तविक चुनौती के रूप में देखा गया। इसके बाद चीनी एआई कंपनियों के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। यह घटना संकेत देती है कि एआई की दौड़ अब केवल दो बड़ी अमेरिकी कंपनियों तक सीमित नहीं रह गई है।
किमी के3 का आगमन ऐसे समय हुआ है जब पिछले 18 महीनों में मूनशॉट एआई की बाजार स्थिति को डीपसीक जैसी चीनी एआई कंपनी के तेजी से उभरने के कारण चुनौती मिली थी। हालांकि, कंपनी ने इस नए मॉडल के जरिए अपनी वापसी तकनीकी नवाचार के आधार पर करने का दावा किया है।
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किमी के3 में दो प्रमुख तकनीकों किमी डेल्टा अटेंशन और अटेंशन रेजिडुअल्स का इस्तेमाल किया गया है। इन तकनीकों का उद्देश्य लंबे डेटा अनुक्रमों और बड़े मॉडलों में सूचनाओं के बेहतर प्रवाह को सुनिश्चित करना है।
इसके अलावा यह मॉडल मिक्सचर-ऑफ-एक्सपर्ट्स (MoE) तकनीक पर आधारित है, जिसमें कुल 896 विशेषज्ञ मॉडल शामिल हैं। हालांकि, प्रत्येक टोकन के लिए केवल 16 विशेषज्ञ सक्रिय होते हैं। इससे 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर वाला मॉडल व्यवहार में कम कंप्यूटिंग क्षमता वाले छोटे मॉडल की तरह काम कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किमी के3 का लॉन्च एआई उद्योग में खुले स्रोत (ओपन-सोर्स) मॉडल बनाम नियंत्रित और बंद मॉडल की बहस को और तेज करेगा। अमेरिकी कंपनियां जहां अपने उन्नत मॉडलों को सीमित पहुंच के साथ पेश कर रही हैं, वहीं चीन की कंपनियां ओपन-सोर्स रणनीति के जरिए प्रतिस्पर्धा बढ़ा रही हैं।
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