मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सामने आए कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच कथित मतभेदों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
वायरल वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के बीच हुई बातचीत और हाव-भाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की व्याख्याएं की जा रही हैं।
पहले वीडियो में दिग्विजय सिंह, हरीश चौधरी को मंच पर जेपी धनोपिया को बुलाने का इशारा करते दिखाई देते हैं। इस दौरान हरीश चौधरी कथित तौर पर उन्हें शांत रहने का संकेत देते हैं। इसके बाद दिग्विजय सिंह हाथ जोड़ते हुए नजर आते हैं, जिसे कुछ लोगों ने नाराजगी का संकेत माना। दिग्विजय समर्थकों ने सोशल मीडिया पर इसे उनका अपमान तक बताया।
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दूसरे वीडियो में जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह को संबोधित करने के लिए माइक देने की कोशिश करते हैं, लेकिन दिग्विजय सिंह बोलने से इनकार कर देते हैं और हाथ के इशारे से माइक लेने से मना कर देते हैं। इस घटना ने भी पार्टी के भीतर तनाव की चर्चाओं को हवा दी है।
तीसरे वीडियो में जीतू पटवारी कथित तौर पर दिग्विजय सिंह को सीट बदलने का संकेत देते दिखाई देते हैं। इसके बाद दिग्विजय सिंह अपनी सीट छोड़कर दूसरी कुर्सी पर बैठ जाते हैं। बाद में हरीश चौधरी और मीनाक्षी नटराजन भी उनके पास बैठते नजर आते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस को विधानसभा और लोकसभा चुनावों में झटके मिलने के बाद एकजुटता की जरूरत थी, लेकिन इन घटनाओं ने पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को सार्वजनिक कर दिया है। हालांकि पार्टी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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