हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शुक्रवार को एमटीबी शिमला माउंटेन बाइकिंग प्रतियोगिता के 13वें संस्करण का शुभारंभ हुआ। हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव के.के. पंत ने देशभर के 20 शहरों का प्रतिनिधित्व कर रहे 72 साइकिलिस्टों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बहु-दिवसीय आयोजन हिमाचल प्रदेश में माउंटेन बाइकिंग, साहसिक पर्यटन और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा को बढ़ावा देने के साथ-साथ बच्चों और युवाओं को आउटडोर खेलों, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
आयोजन की शुरुआत शिमला में 16 किलोमीटर की हेरिटेज राइड से हुई, जिसके बाद अगले दो दिनों में चुनौतीपूर्ण माउंटेन बाइकिंग कोर्स आयोजित होगा। प्रतिस्पर्धी मार्ग लगभग 130 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 110 किलोमीटर की समयबद्ध दौड़ शामिल है, जो प्रतिभागियों के धैर्य, तकनीकी कौशल और कठिन पहाड़ी इलाके से निपटने की क्षमता की परीक्षा लेगी। प्रतियोगिता में सबसे कम उम्र के प्रतिभागी की उम्र 11 वर्ष और सबसे अधिक उम्र के प्रतिभागी की उम्र 68 वर्ष है, दोनों शिमला से हैं। विजेताओं को "किंग ऑफ शिवालिक" का खिताब दिया जाएगा और पुरस्कार वितरण समारोह 25 अक्टूबर की शाम को आयोजित किया जाएगा।
मुख्य सचिव के.के. पंत ने कहा कि माउंटेन बाइकिंग राज्य सरकार के हरित, पर्यटक-अनुकूल और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण के अनुरूप है। उन्होंने कहा, "माउंटेन बाइकिंग एक बहुत अच्छा खेल और साहसिक खेल है जिसका लोग आनंद लेते हैं। हमारे हरित और पर्यटक-अनुकूल हिमाचल प्रदेश के दृष्टिकोण के संदर्भ में, जहां पर्यटक समय बिताते हैं और हमारी परंपराओं तथा संस्कृति का जिम्मेदारी से अनुभव करते हैं, ऐसे आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।"
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युवाओं में नशे और मोबाइल फोन की बढ़ती लत पर एक सवाल के जवाब में पंत ने कहा कि खेल, संगीत और अन्य मनोरंजक गतिविधियां युवाओं को अपने समय का सकारात्मक उपयोग करने में मदद कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार साहसिक खेलों सहित खेलों में निवेश और प्रोत्साहन दे रही है ताकि नशे की प्रवृत्ति का मुकाबला किया जा सके।
हिमालयन एडवेंचर स्पोर्ट्स एंड टूरिज्म प्रमोशन एसोसिएशन (एचएएसटीपीए) के अध्यक्ष मोहित सूद ने कहा कि माउंटेन बाइकिंग टिकाऊ पर्यटन को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इस आयोजन में हिमाचल प्रदेश के बाहर से भी प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें गुवाहाटी, दिल्ली और चंडीगढ़ के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी भी शामिल हैं। गुवाहाटी से नोएडा में रह रहे प्रतिभागी सूरज लामा ने कहा कि यह उनकी पहली एमटीबी शिमला दौड़ है और यह दो चरणों में विभाजित है जो कठिन इलाके के कारण काफी चुनौतीपूर्ण होगी। जर्मनी के मार्को, जो वर्तमान में दिल्ली में रहते हैं, ने कहा कि हिमालय में साइकिलिंग के लिए लौटना हमेशा एक आनंददायक अनुभव होता है। चंडीगढ़ की प्रतिभागी अंजलि ने कहा कि माउंटेन बाइकिंग एक चुनौतीपूर्ण लेकिन बेहद अच्छा खेल है और स्कूलों तथा शिक्षकों को बच्चों, खासकर लड़कियों को साइकिलिंग के बारे में बताना चाहिए ताकि वे नशे और गलत संगत से दूर रह सकें।
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